महमूदाबाद (सीतापुर)
बढ़ती महंगाई, युवाओं में बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) की युवा विंग लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने महमूदाबाद तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक 14 सूत्रीय मांगपत्र उपजिलाधिकारी (एसडीएम) महमूदाबाद को सौंपा।
जिलाध्यक्ष मेराज अहमद के नेतृत्व में उमड़ा हुजूम
प्रदर्शन का नेतृत्व लोहिया वाहिनी के जिलाध्यक्ष मेराज अहमद ने किया। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी शांतिपूर्ण तरीके से तहसील परिसर पहुंचे। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मौजूदा सरकार में आम जनता, किसान, छात्र और युवा वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। सरकार जनसमस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
'महंगाई ने बिगाड़ा रसोई का बजट, ईंधन की कीमतों से आम जनता त्रस्त'
प्रदर्शनकारियों ने विशेष रूप से बढ़ती महंगाई पर गहरी चिंता व्यक्त की। सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि:
डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने परिवहन लागत बढ़ा दी है।
परिवहन महंगा होने से खाद्य पदार्थों समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं।
रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि से आम परिवारों की घरेलू अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
किसानों की बदहाली और युवाओं की बेरोजगारी पर उठाए सवाल , लोहिया वाहिनी ने किसानों और युवाओं के मुद्दों को बेहद प्रमुखता से उठाया। संगठन ने सरकार को घेरते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदु रखे:
किसानों के मुद्दे: ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती, यूरिया खाद की किल्लत और कृषि लागत में लगातार हो रही वृद्धि से किसान परेशान हैं।
युवाओं के मुद्दे: युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं और लगातार हो रहे पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
प्रमुख मांगें: एक नजर में
सपा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को जो 14 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है, उसमें मुख्य रूप से ये मांगें शामिल हैं:
'मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन'
प्रदर्शन के बाद सपा लोहिया वाहिनी के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम महमूदाबाद से मुलाकात कर उन्हें राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उचित माध्यम से संबंधित स्तर तक जल्द से जल्द पहुंचा दिया जाएगा।
पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, लेकिन इस प्रदर्शन ने इलाके में महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस को एक बार फिर गरमा दिया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जनहित के इन गंभीर मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।