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दुर्दशा : काशीराम कालोनी में रहने वाले गरीबों को मिल के गंदे पानी का झेलना पड़ रहा दंश

उत्तरप्रदेश / दीपक गुप्ता
सीतापुर के महमूदाबाद में स्थित द सहकारी चीनीमिल महमूदाबाद से निकलने वाला गंदा पानी काशीराम आवासीय योजना के तहत बसाई गई कालोनी में रह रहे लोगों की समस्या का कारण बना हुआ है। जिससे कालोनी में रह रहे लोगों को काफी परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस गंदे पानी और दुर्गंध से करीब आधा दर्जन गांव प्रभावित होते हैं। चिनिमिल प्रशासन ने मिल से निकलने वाले गंदे पानी के शोधन के लिए कोई प्रयास नहीं किए। 
जिससे दशकों से लोग इस गंदे पानी की दुर्गंध झेल रहे हैं। तत्कालीन बहुजन समाज पार्टी की सरकार में चीनीमिल के पास ही काशीराम आवास योजना के तहत करीब डेढ़ सैकड़ा से अधिक गरीबों के रहने के लिए भवन का निर्माण कराया गया था। जिनमें गरीबों को आवास आवंटित किए गए हैं और वह रह भी रहे हैं। लेकिन मिल प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। मिल से निकलने वाले गंदे पानी को दशकों से मिल के पड़ोस से निकलने वाली लघु सिंचाई विभाग की सूखी नहर में बहाया जा रहा है। इस गंदे पानी की वजह से दुर्गंध के चलते राहगीर भी अपनी नाक बंद कर यहां से गुजरते हैं। काशीराम कालोनी में रह रहे करीब डेढ़ सौ परिवार वर्षों से इस दुर्गंध के दंश को झेल रहे हैं। कालोनी में रहने वाले लोगों की मानें तो इस गंदे पानी की वजह से कालोनी में रहने वाले लोग अक्सर बीमार हो रहते हैं।शासन में बैठे जिम्मेदारों ने प्रदेश भर की मिलों को कई बार बिना गंदे पानी का शोधन किए उसे बहाने पर रोक लगाने के विभाग को निर्देश दिए हैं। कालोनी में रहने वाले लोग इस दुर्गंध के साथ ही अब अपना जीवन जी रहे हैं इस ओर न तो मिल प्रशासन और न ही कोई जनप्रतिनिध ध्यान दे रहा है।

- काशीराम कालोनी में रहने वाले गुड्डू बताते हैं कि अब तो इसी दुर्गंध के साथ रहने की आदत डाल ली है , अक्सर परिवार में कोई न कोई बीमार ही बना रहता है। इसकी मुख्य वजह कालोनी के पड़ोस से निकली नहर में मिल से बहाया जा रहा गंदा पानी ही है। कभी पेट दर्द की शिकायत तो कभी बुखार कालोनी में किसी न किसी को बना हो रहता है।

- कालोनी में अपने आवास के बाहर बैठे दुलारे ने कहा कि कालोनी के पड़ोस से निकल रहे गंदे पानी के कारण मच्छर अपना प्रकोप फैलाए हुए हैं। बिना कपड़े के शाम होते ही पांच मिनट बैठना मुश्किल हो जाता है।

- कालोनी के युवा अफरीदी बताते हैं कि जब तक मिल प्रशासन अंदर से गंदे पानी को फिल्टर करके नहर में नही बहाएगा तब तक यह समस्या बनी रहेगी। कालोनी में रहने वालों के साथ नहर के किनारे के अभी गांव के लोग इस समस्या से परेशान हैं। खेती में भी यह पानी उपयोग में नही लाया जा सकता है।

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