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सीतापुर जेल में बंद आजम खां के लिए खरीदे गए नामांकन पत्र, पत्नी तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला ने भी लिए फार्म

सीतापुर की जेल में बंद सांसद आजम खां के नाम से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन तीन पत्र खरीदे गए हैं। उनकी पत्नी शहर विधायक डा. तजीन फात्मा के नाम से भी दो नामांकन पत्र खरीदे गए हैँ जबकि वह प्रत्याशी नहीं हैं।


करीब दो साल से सीतापुर की जेल में बंद सांसद आजम खां के नाम से भी तीन नामांकन पत्र खरीदे गए हैं, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डा. तजीन फात्मा के नाम से दो और बेटे अब्दुल्ला आजम के नाम से तीन पर्चे खरीदे गए हैं। आजम खां रामपुर शहर से और अब्दुल्ला आजम स्वार-टांडा से सपा के प्रत्याशी हैं।समाजवादी पार्टी के नगराध्यक्ष आसिम राजा शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और आजम खां के नाम से तीन नामांकन पत्र लिए, जबकि सपा नेता फरहान अली खां ने अब्दुल्ला आजम के नाम से तीन नामांकन पत्र खरीदे। मुकर्रम रजा ने डा.तजीन फात्मा के नाम से दो नामांकन पत्र लिए। आजम खां के मुकाबले चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने चार और भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने तीन नामांकन पत्र लिए हैं। सांसद आजम खां करीब दो साल से सीतापुर की जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ 87 मुकदमे अदालतों में विचाराधीन हैं। दो मामलों में अभी जमानत नहीं हो सकी है, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डा.तजीन फात्मा के खिलाफ 34 मुकदमे दर्ज हैं। वह 10 माह बाद जेल से छूटी थीं। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम एक सप्ताह पहले ही जेल से छूटकर आए हैं। उन्होंने अपने चुनाव के साथ ही आजम खां के चुनाव की कमान भी संभाल ली है।

आजम खां के खिलाफ तीन मुकदमों में अब 29 को होगी सुनवाई-

कोविड संंक्रमण के चलते शुक्रवार को सांसद आजम खां के खिलाफ जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड और पासपोर्ट मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत अब इन मामलों में 29 जनवरी को सुनवाई करेगी। इन तीनों मुकदमे में भाजपा नेता आकाश सक्सेना वादी हैं। मुकदमों में आरोप है कि आजम खां ने पिछले विधानसभा चुनाव में बेटे अब्दुल्ला को स्वार-टांडा सीट से प्रत्याशी बनाया था। इसके लिए प्रमाण पत्रों में उनकी उम्र बढ़ाई थी। इस तरह अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बनाए गए। इनमें जन्म प्रमाण पत्र मामले में सांसद के अलावा उनकी पत्नी शहर विधायक डा. तजीन फात्मा और बेटा अब्दुल्ला भी नामजद है। तीनों की जमानत हो चुकी है। मुकदमा गवाही पर है। मुकदमे की सुनवाई मजिस्ट्रेट न्यायालय में की जा रही है। भाजपा नेता के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि कोविड गाइडलाइन के चलते गवाहों को नहीं बुलाया जा रहा है। अब 29 जनवरी को सुनवाई होगी।

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