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कारनामा : घर से जबरिया दरवाजा तोड़ युवक को उठा ले गई पुलिस , पत्नी ने जड़े गम्भीर आरोप



किसी भी अनसुलझे और जी का जंजाल बने हाकिम के आदेश से पुलिस किस तरह से छुटकारा पाती है, यह कोई महमूदाबाद पुलिस से सीखे। वैसे भी यूपी में कई ऐसे कारनामे कर खाकी ने नाम रोशन कर लिया है कि अब यह क्रम रुकने का नाम नही ले रहा है। सीतापुर जनपद में एक ही दिन में पुलिस ने अवैध असलहाधारी अपराधियो को अलग अलग थाना क्षेत्र में पकड़ कर वाहवाही भरा प्रेस नोट जारी किया जिसमें दो तमंचा सहित अपराधी मछरेहटा थाना क्षेत्र में और रामपुर मथुरा , महोली , इमलिया सुल्तानपुर सहित महमूदाबाद थाना क्षेत्र में एक एक तमंचाधारी अपराधियों की गिरफ्तारी दिखाई गई है। लेकिन पुलिस की कार्यशैली पर तब सवालिया निशान लग गए जब महमूदाबाद थाना क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी पर ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यवाही को गलत कहते हुए इसे मनमानी बताया। महमूदाबाद पुलिस ने विनोद कुमार पुत्र तिवारी को सोमवार को 12 बोर अवैध तमंचे और 12 बोर जिंदा कारतूस की बरामदगी दिखाते हुए जेल भेज दिया। जब विनोद के परिजनों और गांव वालों को जेल भेजने की बात पता चली तो परिजनों ने पुलिस पर ही गम्भीर आरोप लगा दिए। विनोद की पत्नी का आरोप है कि पुलिस देर रात उसके घर का दरवाजा तोड़ कर उसके घर में घुसी और उसके पति को घसीट कर ले जाने लगी जब सुनीता ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने उसे भी गालियां दी , शोर शराबा सुनकर पड़ोस के महेंद्र कुमार पुत्र बिशुनकुमार ने मामले के बारे में मौजूद पुलिसकर्मियों से जब जानकारी करनी चाही तो उसे भी पुलिसकर्मियों ने पीट कर भगा दिया। विनोद की पत्नी सुनीता के अनुसार उसका पति क्षय रोग से पीड़ित है और काफी लंबे समय से उसका इलाज चल रहा है। बीते कई वर्षों से महमूदाबाद स्थित नवीन गल्ला मंडी में विनोद मजदूरी का कार्य कर रहा था । जब मामले में गांव में ज्यादा हो हल्ला मचा तो सूचना पर स्थानीय पत्रकार पहुंचे जहां ग्रामीणों ने बताया कि विनोद हर दिन मजदूरी पर सुबह दस बजे जाता था और रात दस बजे वापस आ जाता था। 

विनोद की पत्नी सुनीता की जुबानी


रविवार को भी हमेशा की तरह विनोद कुमार रात को मजदूरी कर के घर आया और अपनी पत्नी सुनीता के साथ घर मे था कि अचानक रात 11 बजकर 50 मिनट के आसपास महमूदाबाद पुलिस के दरोगा कैलाश चन्द्र यादव और आनन्द पाल सिंह आरक्षी नकुल गौतम , रमेश और विक्की सागर के साथ घर के बाहर पहुंचे और दरवाजा तोड़ कर घर में घुसे। घर में घुसते ही पुलिस कर्मियों ने विनोद को घसीट कर बाहर ले आये जहां पड़ोसी को भी सवाल करने पर पीट दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने आनन फानन में विनोद को बाइक पर बैठा लिया और उसे लेकर गांव से बाहर निकल गए। अपनी तीन साल की बेटी आयुषी को गोद मे लेकर कड़कड़ाती ठंड में विनोद की पत्नी सुनीता अपने पति के बारे में जानकारी करने के लिए देर रात से ही इधर उधर दौड़ने लगी। उसे सुबह सूचना मिली कि पुलिस ने उसके पति की गिरफ्तारी अवैध तमंचे के साथ दिखाई है और उसे जेल भेज रही है। जिसके बाद सुनीता अपने पति को निर्दोष बताते हुए गुहार लगाने लगी।


अजब गजब माया-

महमूदाबाद पुलिस ने जो प्रेस नोट जारी किया है उसके अनुसार विनोद की गिरफ्तारी सोमवार की सुबह करीब 7 बजे हुई है , वहीं परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार पुलिस देर रात ही विनोद को उसके घर से उठा लाई थी। अब देखना यह होगा कि पुलिस की थ्योरी सही है या ग्रामीणों का कथन।

रिपोर्ट - दीपक गुप्ता "समीर" - 9473559444


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